नई दिल्ली: अगर आप वोट डालते हैं, तो यह ख़बर आपके लिए सबसे ज़्यादा ज़रूरी है! The Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार पूरे देश के 13 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में चुनाव आयोग (ECI) Election Commission ने एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है, जिसका नाम है Special Intensive Revision (SIR), यानी विशेष गहन पुनरीक्षण।यह कोई मामूली काम नहीं है, बल्कि एक महा-सत्यापन अभियान है जो पिछले दो दशकों (2002) से चली आ रही ग़लतियों को ठीक करने के लिए शुरू किया गया है। और अगर आपने यह फॉर्म नहीं भरा, तो हो सकता है कि आने वाले चुनावों में आपका नाम वोटर लिस्ट से ही गायब हो जाए!
SIR क्या है और क्यों हो रहा है अभी?
भारतीय चुनाव आयोग (ECI) द्वारा लाया गया SIR (Special Intensive Revision) एक ऐसी विशेष प्रक्रिया है, जिसे तब लागू किया जाता है जब नियमित वार्षिक ‘Summary Revision’ वोटर लिस्ट की कमियों को दूर करने में पर्याप्त नहीं होता। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वोटर लिस्ट को पूरी तरह से शुद्ध और त्रुटिहीन बनाना है, क्योंकि साल 2002-2004 के बाद से देश में कोई व्यापक ‘घर-घर सत्यापन’ (House-to-house enumeration) नहीं हुआ है। पिछले 20 वर्षों के इस लंबे अंतराल के कारण वोटर लिस्ट में “विरासत डेटा” (Legacy Data) से जुड़ी कई गंभीर समस्याएँ जैसे कि मृत या विस्थापित वोटरों के नाम न हटना, एक ही व्यक्ति का कई जगह रजिस्ट्रेशन (डुप्लीकेट) होना और जनसंख्या के अनुपात से अधिक वोटर्स की संख्या बढ़ना (Inflated Data) जमा हो गई हैं। 2026 में होने वाले कई राज्यों के महत्वपूर्ण चुनावों को देखते हुए, ECI घर-घर जाकर डेटा वेरिफिकेशन और प्री-फिल्ड फॉर्म के माध्यम से एक ऐसी पारदर्शी और कानूनी रूप से मजबूत (Defensible) वोटर लिस्ट तैयार करना चाहता है, जिसमें किसी भी प्रकार की धांधली की गुंजाइश न हो।
फॉर्म में 4 चीज़ें सबसे ज़रूरी
SIR (Special Intensive Revision) की प्रक्रिया के तहत सत्यापन कार्य की अंतिम समय-सीमा 4 दिसंबर निर्धारित की गई थी, लेकिन यदि आपके बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) अभी तक आपसे मिलने नहीं आए हैं, तो आप तुरंत ऑनलाइन पोर्टल या सीधे BLO से संपर्क कर सकते हैं; आवश्यकतानुसार प्रशासन द्वारा इस तारीख को आगे बढ़ाया जा सकता है। इस दौरान मिलने वाले SIR फॉर्म में चार महत्वपूर्ण चरणों को पूरा करना अनिवार्य है: सबसे पहले आपको प्री-फिल्ड विवरण जैसे नाम, पता और EPIC नंबर की सटीकता जाँचनी होगी। इसके बाद सबसे महत्वपूर्ण और नया चरण ‘विरासत लिंकेज’ (Legacy Linkage) का है, जिसमें आपको अपना या अपने परिवार के सदस्यों का नाम साल 2002-2004 की पुरानी वोटर लिस्ट से जोड़ना होगा, जिसे आप ECI की वेबसाइट (voters.eci.gov.in) पर जाकर पुरानी EPIC ID के जरिए चेक कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, आपको अपनी जन्मतिथि, मोबाइल नंबर और माता-पिता/पति-पत्नी का EPIC नंबर अपडेट करना होगा, साथ ही डुप्लीकेशन हटाने के लिए आधार नंबर (वैकल्पिक) और यह अनिवार्य घोषणा भी देनी होगी कि आप केवल एक ही स्थान पर पंजीकृत भारतीय नागरिक हैं।
अगर फॉर्म नहीं भरा तो क्या होगा?
अगर आप SIR फॉर्म नहीं भरते हैं, तो आपका नाम वोटर लिस्ट से डिलीट हो सकता है!
- ECI का उद्देश्य ऐसी एंट्रीज़ को हटाना है जो 20 सालों से ‘डेड’ या ‘शिफ्टेड’ हैं।
- अगर आप अपने डेटा का सत्यापन नहीं करवाते हैं, तो ECI को लगेगा कि या तो आप वहाँ नहीं रहते, या आप मृत हैं, और आपका नाम ड्राफ्ट रोल से गायब हो सकता है।
- मतलब साफ़ है: अगर आपका नाम फाइनल रोल में नहीं होगा, तो आप आने वाले चुनावों में वोट नहीं डाल पाएँगे!
नागरिक तुरंत क्या करें?
वोटर लिस्ट में अपना नाम सुरक्षित करने के लिए केवल BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) के भरोसे न बैठें; यदि वे आपके घर नहीं आए हैं, तो आप स्वयं voters.eci.gov.in पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी अपडेट कर सकते हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत आपको पोर्टल पर लॉग-इन कर ‘Fill Enumeration Form’ पर क्लिक करके SIR फॉर्म भरना होगा और यदि आवश्यक हो, तो ‘Form 8’ के जरिए अपना मोबाइल नंबर भी लिंक करना होगा। साथ ही, 9 दिसंबर को प्रकाशित होने वाले ड्राफ्ट रोल में अपना नाम ज़रूर चेक करें और यदि नाम गायब है, तो 9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 के बीच ‘Form 6’ भरकर अपील करें। अंततः, 7 फरवरी 2026 को फाइनल रोल प्रकाशित किया जाएगा, जिसमें नाम न होने पर आपके पास 15 दिनों के भीतर अपील करने का अंतिम अवसर होगा।
वोटर लिस्ट सत्यापन के मुख्य चरण (Step-by-Step Guide):
- पोर्टल एक्सेस: सबसे पहले voters.eci.gov.in पर जाएँ और अपना अकाउंट बनाकर लॉग-इन करें।
- मोबाइल लिंकिंग: यदि आपका EPIC कार्ड मोबाइल से लिंक नहीं है, तो Form 8 का उपयोग करें।
- SIR फॉर्म भरें: ‘Fill Enumeration Form’ विकल्प को चुनें और अपनी व्यक्तिगत जानकारी व ‘Legacy Linkage’ (2002-04 का डेटा) भरें।
- BLO से संपर्क: ‘Know Your Polling Station’ फीचर का उपयोग कर अपने क्षेत्र के BLO का नंबर निकालें और उनसे सत्यापन के लिए समय माँगें।
- ड्राफ्ट रोल की जाँच (9 दिसंबर): ड्राफ्ट लिस्ट में अपना नाम चेक करें। नाम न होने पर 8 जनवरी 2026 तक Form 6 भरकर दोबारा आवेदन करें।
- अंतिम प्रकाशन (7 फरवरी 2026): फाइनल वोटर लिस्ट देखें। यदि फिर भी नाम कटा हुआ है, तो 15 दिनों के भीतर जिला चुनाव अधिकारी के पास अपील दर्ज करें।
BLO की आत्महत्या क्यों?
वर्तमान में SIR (Special Intensive Revision) अभियान के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) पर अत्यधिक कार्यभार और मानसिक दबाव की चिंताजनक स्थिति बनी हुई है। उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से BLO द्वारा आत्महत्या किए जाने की दुखद खबरें सामने आई हैं, जिसके पीछे एक ‘अवास्तविक समय-सीमा’ (Unrealistic Timeline) के भीतर घर-घर सत्यापन, जटिल फॉर्म भरने और विशेष रूप से 2002 के ‘विरासत डेटा’ से लिंकेज खोजने जैसे चुनौतीपूर्ण लक्ष्य बताए जा रहे हैं। चूँकि अधिकांश BLO शिक्षक या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता होते हैं, उन पर टारगेट पूरा न होने की स्थिति में नौकरी जाने का डर और मानसिक तनाव हावी हो रहा है। ऐसे में स्थानीय नागरिकों की यह जिम्मेदारी बनती है कि वे इस महत्वपूर्ण कार्य में BLO का पूरा सहयोग करें; जब वे घर आएं तो उन्हें आसानी से सत्यापन की अनुमति दें और 2002 के लिंकेज से जुड़ी जानकारी समय पर उपलब्ध कराएं ताकि वे अपना काम बिना किसी अनावश्यक दबाव के पूरा कर सकें।
संक्षेप में: SIR ज़रूरी है, पर इसे skip करना मतलब अपने वोट देने के अधिकार को खतरे में डालना है!
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