Nikhil Chaudhary: खेल की दुनिया में अक्सर ऐसी कहानियाँ सुनने को मिलती हैं जहाँ किस्मत एक इंसान को अनचाहे रास्ते पर ले जाती है, और वह रास्ता कामयाबी की नई ऊँचाइयों तक पहुँच जाता है। ऐसी ही एक जादुई दास्तान है निखिल चौधरी(Nikhil Chaudhary) की। जो पंजाब से सिर्फ छुट्टियाँ मनाने ऑस्ट्रेलिया गए थे, लेकिन आज वे वहाँ के घरेलू क्रिकेट और बिग बैश लीग (BBL) के सबसे बड़े सितारों में से एक बन चुके हैं। अब, यह 29 वर्षीय ऑलराउंडर भारत लौटने की तैयारी में है, लेकिन इस बार एक पर्यटक के रूप में नहीं, बल्कि IPL 2026 के एक उभरते हुए खिलाड़ी के रूप में।
निखिल चौधरी(Nikhil Chaudhary) की कहानी मार्च 2020 में शुरू हुई जब वे अपने जन्मदिन का जश्न मनाने पंजाब से ऑस्ट्रेलिया पहुँचे थे। उनका इरादा दो महीने रुकने का था, लेकिन चार दिन बाद ही दुनिया कोविड-19 की चपेट में आ गई और सीमाएँ सील कर दी गईं। निखिल ऑस्ट्रेलिया में फंस गए।
जिंदा रहने के लिए निखिल ने वह सब किया जो एक संघर्षशील इंसान करता है। उन्होंने मैक्सिकन रेस्टोरेंट में काम किया, उबर (Uber) चलाई और करीब तीन साल तक ऑस्ट्रेलिया पोस्ट के लिए पार्सल डिलीवर किए। लेकिन इन सबके बीच उन्होंने अपने क्रिकेट के जुनून को ठंडा नहीं होने दिया। दिन भर काम करने के बाद वे नेट पर पसीना बहाते रहे। उनकी मेहनत तब रंग लाई जब उन्हें होबार्ट हरिकेन्स (Hobart Hurricanes) के लिए BBL कॉन्ट्रैक्ट मिला।
निखिल (Nikhil Chaudhary) ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के प्रतिष्ठित प्रथम श्रेणी टूर्नामेंट, शेफील्ड शील्ड (Sheffield Shield) में तस्मानिया के लिए खेलते हुए 163 रनों की शानदार पारी खेली। इस पारी के साथ ही वे इस सदी में शेफील्ड शील्ड में शतक लगाने वाले पहले भारतीय मूल के खिलाड़ी बन गए। उन्होंने अपनी इस पारी में 5 छक्के और कई चौके जड़कर ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को पस्त कर दिया।
निखिल चौधरीने (Nikhil Chaudhary) IPL 2026 की नीलामी के लिए अपना नाम 40 लाख रुपये के बेस प्राइस पर रजिस्टर कराया है। हालांकि शुरुआत में उन्हें ‘अनकैप्ड भारतीय’ के रूप में सूचीबद्ध किया गया था, लेकिन तकनीकी कारणों से अब वे एक विदेशी (ऑस्ट्रेलियाई) खिलाड़ी के रूप में नीलामी का हिस्सा होंगे।
एक विशेष बातचीत में निखिल ने बताया कि वे रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के लिए खेलना चाहते हैं। उन्होंने कहा:
“अगर आप मेरी पसंद पूछें, तो मैं विराट कोहली की वजह से RCB के लिए खेलना चाहूँगा। वे पिछले 10-15 सालों से मेरी प्रेरणा रहे हैं। वहीं, दिल से मैं पंजाब का हूँ, इसलिए पंजाब किंग्स के लिए खेलना भी एक सपने जैसा होगा।”
निखिल चौधरी का क्रिकेट करियर
| Format | मैच | रन | विकेट | मुख्य टीम |
| BBL (T20) | 22 | 434 | 9 | होबार्ट हरिकेन्स |
| प्रथम श्रेणी | 5 | 367 | 5 | तस्मानिया टाइगर्स |
| लिस्ट ए | 7 | 133 | 8 | तस्मानिया |
निखिल ने हार नहीं मानी
निखिल चौधरी का यहाँ तक का सफर कड़े संघर्ष और अटूट संकल्प की एक प्रेरणादायक कहानी है। साल 2020 में जब वे केवल एक छोटी छुट्टी मनाने ऑस्ट्रेलिया पहुँचे थे, तब कोविड-19 महामारी के कारण सीमाएँ बंद होने से वे वहां पूरी तरह फंस गए। अनिश्चित भविष्य और खाली जेब के साथ उन्होंने अपनी आजीविका चलाने के लिए मैक्सिकन रेस्टोरेंट में सफाई की, उबर (Uber) ड्राइवर के रूप में काम किया और करीब साढ़े तीन साल तक ऑस्ट्रेलिया पोस्ट के लिए पार्सल डिलीवर करने की नौकरी की। दिन भर शारीरिक मेहनत वाली नौकरी करने के बावजूद वे अपने क्रिकेट के प्रति समर्पित रहे और काम के बाद भी अभ्यास करना कभी नहीं छोड़ा। एक समय ऐसा भी था जब उनके पिता और कोच चाहते थे कि वे भारत लौट आएं, लेकिन निखिल ने ‘जिद्दी’ होकर ऑस्ट्रेलिया के कठिन घरेलू सर्किट में अपनी जगह बनाने का फैसला किया। उनकी यही बरसों की कड़ी मेहनत और गुमनामी का संघर्ष अंततः उन्हें बिग बैश लीग के बड़े मंच और शेफील्ड शील्ड में ऐतिहासिक शतक तक ले गया।
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