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क्या IPL 2026 में Kohli vs Dhoni फैंस की जंग सबसे बड़ा ‘टॉक ऑफ द टाउन’ बनेगी?

By Admin@2001

Published on: November 26, 2025

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IPL 2026, Ms Dhoni, virat Kohli

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IPL 2026 की चर्चा अभी से चरम पर है, और इसका सबसे बड़ा कारण क्रिकेट जगत के दो महादिग्गज—विराट कोहली और महेंद्र सिंह धोनी—का एक बार फिर मैदान पर आमने-सामने होना है। हाल ही में दिसंबर 2025 में हुई मिनी नीलामी के बाद यह साफ हो गया है कि धोनी ‘अनकैप्ड खिलाड़ी’ के तौर पर चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के लिए अपना आखिरी सीजन खेल सकते हैं, जबकि कोहली अपनी टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को एक और खिताब दिलाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। फैंस के लिए यह केवल एक मैच नहीं, बल्कि भावनाओं का सैलाब है क्योंकि कयास लगाए जा रहे हैं कि यह ‘थाला’ और ‘किंग’ के बीच आखिरी टक्कर हो सकती है। सोशल मीडिया पर अभी से #KohliVsDhoni ट्रेंड कर रहा है, जो यह दर्शाता है कि 2026 में यह राइवलरी क्रिकेट की दुनिया का सबसे बड़ा ‘टॉक ऑफ द टाउन’ बनने वाली है।

क्या है फैंस का झगड़ा?

एमएस धोनी और विराट कोहली के बीच भले ही गहरा आपसी सम्मान और ‘बड़े भाई-छोटे भाई’ जैसा रिश्ता हो, लेकिन सोशल मीडिया पर उनके फैंस के बीच की जंग अक्सर कड़वाहट भरी हो जाती है। इस झगड़े की मुख्य जड़ ‘तुलना’ (Comparison) है; धोनी के प्रशंसक जहाँ उनके तीन आईसीसी खिताबों और ‘कैप्टन कूल’ वाली रणनीतियों का हवाला देते हैं, वहीं कोहली के फैंस उनके अविश्वसनीय बल्लेबाजी आंकड़ों और आक्रामक कप्तानी को सर्वश्रेष्ठ बताते हैं।

आईपीएल के दौरान यह विवाद और भी बढ़ जाता है, खासकर जब RCB और CSK की टीमें आमने-सामने होती हैं। ‘पेंटेड फैंस’ और ‘सोशल मीडिया वॉर्स’ के इस दौर में, एक खिलाड़ी की विफलता पर दूसरे के फैंस का तंज कसना या अपमानजनक हैशटैग (जैसे #Chokli या #CreditMerchant) ट्रेंड कराना एक आम लेकिन दुखद बात बन गई है। हाल के दिनों में हरभजन सिंह जैसे पूर्व खिलाड़ियों के बयानों ने भी इस आग में घी डालने का काम किया है। हकीकत यह है कि ये दोनों दिग्गज मैदान के बाहर घंटों बातें करते हैं, जबकि इंटरनेट पर उनके नाम पर फैंस आपस में भिड़ते रहते हैं।

धोनी एक और सीज़न खेलेंगे

एमएस धोनी का IPL 2026 में एक और सीजन खेलना न केवल चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के लिए बल्कि दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है। बीसीसीआई (BCCI) द्वारा ‘अनकैप्ड प्लेयर’ नियम को फिर से लागू करने के बाद, धोनी का रास्ता और भी साफ हो गया है, जिससे सीएसके उन्हें मात्र ₹4 करोड़ में रिटेन करने में सफल रही है।

44 वर्ष की आयु के बावजूद, धोनी की फिटनेस और विकेट के पीछे उनकी बिजली जैसी फुर्ती आज भी युवा खिलाड़ियों को मात देती है। फैंस के लिए यह एक ‘बोनस सीजन’ की तरह है, क्योंकि हर कोई अपने पसंदीदा ‘थाला’ को आखिरी बार चेपॉक के मैदान पर हेलीकॉप्टर शॉट लगाते हुए देखना चाहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि धोनी का यह फैसला केवल खेल के लिए नहीं, बल्कि टीम में ऋतुराज गायकवाड़ जैसे नए कप्तान को पूरी तरह परिपक्व करने और टीम के ‘ट्रांजिशन फेज’ को संभालने के लिए भी लिया गया है।

क्या होगी CSK और RCB की रननीति

आईपीएल 2026 के लिए CSK और RCB दोनों ही टीमों ने दिसंबर 2025 की नीलामी में अपनी रणनीतियों में बड़े बदलाव किए हैं। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने अपनी पुरानी “अनुभव पहले” वाली नीति को बदलते हुए इस बार युवा और अनकैप्ड प्रतिभाओं पर भारी दांव लगाया है; उन्होंने प्रशांत वीर और कार्तिक शर्मा जैसे अनकैप्ड खिलाड़ियों को ₹14.20 करोड़ जैसी रिकॉर्ड कीमत पर खरीदकर सबको चौंका दिया है। सीएसके की रणनीति अब भविष्य की टीम तैयार करने और धोनी के मार्गदर्शन में युवाओं को तराशने की है।

दूसरी ओर, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने अपनी कोर टीम को स्थिर रखने और मिडिल ऑर्डर को मजबूत करने पर ध्यान दिया है। उन्होंने वेंकटेश अय्यर को ₹7 करोड़ में जोड़कर अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में संतुलन बनाने की कोशिश की है। आरसीबी की रणनीति साफ है—कोहली और पाटीदार जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के इर्द-गिर्द एक ऐसा ‘सपोर्ट सिस्टम’ खड़ा करना जो चिन्नास्वामी जैसे मैदानों पर दबाव झेल सके। जहाँ चेन्नई ने ‘रिस्क और रिवॉर्ड’ का रास्ता चुना है, वहीं बेंगलुरु ने ‘स्टेबिलिटी और बैलेंस’ को प्राथमिकता दी है।

अंत में

‘क्रेडिट स्टीलर’ (Credit Stealer) और ‘चोकली’ (Chokli) जैसे शब्द केवल सोशल मीडिया की नकारात्मकता और फैंस के बीच की कड़वाहट को दर्शाते हैं, जिनका इन दोनों दिग्गजों की महानता से कोई लेना-देना नहीं है। जहाँ एमएस धोनी को उनकी शांत कप्तानी और ‘मैच फिनिश’ करने की कला के लिए सराहा जाना चाहिए, वहीं उनकी सफलता का श्रेय अन्य खिलाड़ियों को न देना उनके साथ अन्याय है। ठीक उसी तरह, विराट कोहली के अद्भुत बल्लेबाजी रिकॉर्ड और मुश्किल परिस्थितियों में टीम को जीत दिलाने के जज्बे को ‘चोकली’ जैसे अपमानजनक शब्दों से आंकना उनके जुनून का अपमान है।

वास्तविकता यह है कि ये दोनों ही खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट के स्तंभ हैं और एक-दूसरे का बेहद सम्मान करते हैं। प्रशंसकों को यह समझना होगा कि क्रिकेट एक टीम गेम है जहाँ जीत और हार सामूहिक प्रयास का परिणाम होती है। इन महान खिलाड़ियों को ‘ट्रोल’ करने के बजाय, हमें इस बात का आनंद लेना चाहिए कि हम उस युग में हैं जहाँ हमें इन दो महानतम क्रिकेटरों को एक साथ खेलते हुए देखने का सौभाग्य मिल रहा है, क्योंकि एक बार रिटायर होने के बाद इनकी कमी को कभी भरा नहीं जा सकेगा।

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