होम ताजातरीन English क्रिकेट मनोरंजन नौकरी शिक्षा स्वास्थ्य ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी वर्ल्ड इंडिया ब्लॉग्स स्टोरी साइंस

,

IPL पिचों पर मौसम का असर-Impact of Weather on IPL Pitches

By Admin@2001

Published on: December 13, 2025

Follow Us

---Advertisement---

Share now

IPL एक ऐसा टूर्नामेंट है जो मार्च से मई के महीनों के बीच, यानी भारत में मौसम के तेज़ बदलाव के दौरान आयोजित होता है—सर्दी से वसंत और फिर भीषण गर्मी की ओर संक्रमण। इसी कारण, मौसम का प्रभाव केवल खिलाड़ियों के प्रदर्शन तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि यह सीधे तौर पर पिच के स्वभाव और मैच की रणनीति को भी निर्धारित करता है। अत्यधिक गर्मी पिच की सतह को तेज़ी से सूखा और सख्त बना सकती है, जिससे दरारें पड़ सकती हैं और स्पिन गेंदबाजों को अधिक टर्न और उछाल मिलने लगता है। इसके विपरीत, मैच के दौरान या उससे ठीक पहले होने वाली अप्रत्याशित बारिश या उच्च आर्द्रता (Humidity) पिच को नरम (Damp) कर सकती है, जिससे तेज गेंदबाजों को शुरुआत में सीवन (Seam) मूवमेंट और उछाल मिल सकता है। इसके अलावा, रात के मैचों में ओस (Dew) एक सबसे बड़ा कारक होती है; ओस के कारण गेंद गीली हो जाती है, जिससे स्पिनरों के लिए ग्रिप बनाना मुश्किल हो जाता है और दूसरी पारी में लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम को बल्लेबाजी में भारी फायदा मिलता है। संक्षेप में, तापमान, आर्द्रता और ओस जैसे मौसमी कारक न केवल पिच का मिजाज बदलते हैं, बल्कि टॉस के महत्व और टीमों की प्लेइंग इलेवन के चयन पर भी गहरा असर डालते हैं।

IPL मैचों में मौसम की स्थिति और पिच का व्यवहार

IPL मैचों में मौसम की स्थिति पिच के स्वभाव को निर्णायक रूप से प्रभावित करती है। तेज गर्मी और सूखा मौसम पिच को सख्त और दरारयुक्त (cracked) बना देता है, जिससे यह धीरे-धीरे धीमी होती जाती है और स्पिन गेंदबाजों को अधिक टर्न और उछाल मिलना शुरू हो जाता है। इसके विपरीत, उच्च आर्द्रता या बारिश पिच में नमी ला सकती है, जिससे तेज गेंदबाजों को शुरुआत में स्विंग और सीम मूवमेंट मिल सकता है। हालांकि, सबसे महत्वपूर्ण कारक रात के मैचों में ओस (Dew) है; तापमान गिरने पर आउटफील्ड और पिच पर जमने वाली ओस गेंद को गीला और भारी कर देती है, जिससे स्पिनरों के लिए ग्रिप बनाना असंभव हो जाता है और दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने वाली टीम को भारी फायदा मिलता है। इसी मौसमी कारक के कारण, टॉस जीतना और पहले गेंदबाजी करना IPL की अधिकांश रणनीतियों का केंद्र बिंदु बन जाता है।

IPL में बैटिंग और बॉलिंग रणनीतियों पर मौसम का असर

IPL में मौसम का मूड सीधे टीमों की गेम प्लानिंग पर हिट करता है, जब पिचें धूप में तपकर एकदम सूखी होती हैं, तो बैटिंग टीम्स बीच के ओवर्स में ‘स्लो’ होकर खेलने का रिस्क नहीं लेतीं; वे स्ट्राइक रोटेट करके गेम को एंड में खींचती हैं। बॉलर्स के लिए ये स्पिनर्स का टाइम होता है, जो खूब टर्न और बाउंस पाते हैं। लेकिन अगर रात का मैच है और ओस (Dew) पड़नी शुरू हो गई, तो गेम पूरा पलट जाता है! ओस की वजह से बॉल गीली होकर बैट पर ‘स्किड’ करके आती है, इसलिए चेज़ करना आसान हो जाता है, और यही वजह है कि टॉस जीतने वाला कैप्टन ‘पहले बॉलिंग’ ही चुनता है। अगर आपको पहले बैटिंग करनी पड़ी है, तो समझो आपको टारगेट से 20-30 रन ज़्यादा ही बनाने पड़ेंगे! बॉलर बेचारे गीली बॉल को पकड़ने और यॉर्कर डालने में पसीना बहाते रह जाते हैं। सीधी बात ये है कि IPL में मौसम ही डिसाइड करता है कि कौन कब ‘अटैक’ करेगा और कब ‘डिफेंस’ करेगा|

घरेलू मैदानों पर IPL टीमों की सफलता

IPL में एक सबसे बड़ा सीक्रेट यह है कि घरेलू मैदान (Home Ground) लगभग हर टीम के लिए एक सुपरपावर की तरह काम करता है! कोई भी टीम हो, चाहे वो चेन्नई हो या मुंबई, वे अपने होम ग्राउंड को अपने हिसाब से ‘कस्टमाइज़’ करा लेती हैं—यानी पिच को अपनी बैटिंग या बॉलिंग स्ट्रेंथ के हिसाब से ढाल लेती हैं। जैसे, चेपौक (चेन्नई) की स्लो और टर्निंग पिच चेन्नई सुपर किंग्स के स्पिनर्स के लिए एकदम ‘हवन’ जैसी है, जहाँ विरोधी टीम अक्सर फँस जाती है। वहीं, बेंगलुरु में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) अपने छोटे मैदान और बैटिंग-फ्रेंडली पिच का पूरा फायदा उठाती है। अपनी कंडीशंस को अच्छे से जानने के कारण टीम्स को यह पता होता है कि किस लेंथ पर बॉलिंग करनी है और कौन से बैट्समैन किस टाइम पर हिट कर सकते हैं। इसे ही कहते हैं ‘होम एडवांटेज’, जो उन्हें विरोधी टीम पर जबरदस्त मनोवैज्ञानिक बढ़त भी दिलाता है, और यही वजह है कि होम ग्राउंड पर अक्सर टीमें ज्यादा मैच जीतकर प्लेऑफ तक का सफर आसान बना लेती हैं।

सारांश

IPL में एक टीम केवल विरोधी टीम और पिच के खिलाफ नहीं खेलती, बल्कि उन्हें लगातार बदलते मौसम के खिलाफ भी अपनी रणनीति को समायोजित करना पड़ता है। सफलता अक्सर उसी टीम को मिलती है जो मौसम के संकेतों को सबसे जल्दी और सबसे प्रभावी ढंग से पढ़ लेती है।

इसे भी पढ़ें: TATA WPL 2026 Schedule Announced: WPL कब और कहाँ होगा?

, , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,

Leave a Comment