Haldwani News: हल्द्वानी(Haldwani) के राजकीय सुशीला तिवारी हॉस्पिटल आजकल सुर्खियां बटोर रहा है, आपको बता दे जहां जागरूकता और नशा मुक्त देश की बात हो रही है, उस देश में स्टूडेंट्स का नशे का आलम इस कदर चढ़ा हुआ है कि, कोई नेल पॉलिश सूंघकर नशा करता है तो कोई पानी की बोतल में शराब लेकर आता है। ऐसी ही खबर आ रही है उत्तराखंड के हल्द्वानी(Haldwani) शहर से जहां एक जहां एक छात्रा की बोतल में शराब पकड़ी गई।
खबर है कि स्कूल का प्रबंधन और छात्र को माता पिता उनको मनोचिकित्सक विभाग में भेज रहे हैं ताकि उनकी काउंसिलिंग हो सके। हॉस्पिटल के एक बड़े डॉक्टर का कहना है कि हर महीने 6-7 ऐसे मामले सामने आए हैं जिनके बच्चे की उम्र 14 से 18 साल है। बच्चों के माता पिता का बच्चों पर ध्यान और देना उनको भविष्य की खबर कर रहा है।
आज के भागदौड़ भरे जीवन में हम बच्चों को सुविधाएं तो दे रहे हैं, लेकिन क्या हम उन्हें अपना समय दे पा रहे हैं? 14-15 साल की उम्र ऐसी होती है जहाँ बच्चा सबसे ज्यादा भटकता है। अगर आपका बच्चा अचानक ज्यादा चुप रहने लगे, उसकी आंखों के नीचे काले घेरे हों या वह अपने पास नेल पॉलिश, थिनर या व्हाइटनर जैसी चीजें बिना जरूरत रखने लगे, तो सावधान हो जाएं।
यह समय बच्चों को डांटने का नहीं, बल्कि उनके साथ बैठकर बात करने और उन्हें इस अंधेरे से बाहर निकालने का है।
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