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Elon Musk का ‘स्टारलिंक’ आ रहा है इंडिया! जानिए कितनी होगी कीमत और क्या Jio/5G से टक्कर ले पाएगा?

By Admin@2001

Published on: December 8, 2025

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starlink in India, Elon musk

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देहरादून: भारत के टेलीकॉम सेक्टर में एक बड़ी क्रांति दस्तक देने वाली है, क्योंकि दिग्गज कारोबारी एलन मस्क (Elon Musk) की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा ‘स्टारलिंक’ (Starlink) अब भारत में अपनी कमर्शियल लॉन्चिंग के बेहद करीब पहुंच गई है। कंपनी ने अपनी भारतीय वेबसाइट पर आवासीय (Residential) ग्राहकों के लिए विस्तृत प्राइसिंग लिस्ट जारी कर दी है, जिसने टेक जगत में हलचल मचा दी है। [Image showing Starlink satellite dish and the ‘Made for India’ high-speed internet banner] महाराष्ट्र सरकार के साथ रणनीतिक साझेदारी और भारत में तेजी से की जा रही हायरिंग (Hiring) इस बात का स्पष्ट संकेत है कि अब दूरदराज के गांव हों या दुर्गम पहाड़ी इलाके, हर जगह हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचना तय है। यह पहल न केवल डिजिटल इंडिया को मजबूती देगी, बल्कि भारत में सैटेलाइट ब्रॉडबैंड के एक नए युग की शुरुआत भी करेगी।

स्टारलिंक क्या है?

एलोन मस्क की एयरोस्पेस कंपनी SpaceX द्वारा संचालित Starlink एक क्रांतिकारी सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सेवा है, जो पारंपरिक फाइबर केबल के बजाय अंतरिक्ष से इंटरनेट प्रदान करती है। इसकी कार्यप्रणाली का सबसे मुख्य आधार पृथ्वी की निचली कक्षा (Low Earth Orbit – LEO) में तैनात हजारों छोटे सैटेलाइट्स का एक विशाल जाल है। ये सैटेलाइट्स पृथ्वी के काफी करीब (लगभग 550 किमी) होते हैं, जिसके कारण सिग्नल को यात्रा करने में बहुत कम समय लगता है। परिणाम स्वरूप, स्टारलिंक न केवल हाई-स्पीड इंटरनेट देता है, बल्कि लेटेंसी (Latency) को भी काफी कम कर देता है, जो ऑनलाइन गेमिंग और वीडियो कॉलिंग जैसे रियल-टाइम कार्यों के लिए बेहद जरूरी है। इसका सबसे बड़ा लाभ उन दूरदराज के क्षेत्रों, पहाड़ों या जंगलों को मिलेगा जहाँ आज तक बुनियादी इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं पहुँच पाया है, जिससे हर जगह कनेक्टिविटी का सपना सच हो सकेगा।

कितने का होगा रिचार्ज?

भारत में स्टारलिंक(Starlink) की सेवाओं के लिए जारी की गई आधिकारिक प्राइसिंग यह स्पष्ट करती है कि यह एक प्रीमियम इंटरनेट सेवा होगी। वेबसाइट के अनुसार, ग्राहकों को शुरुआत में ₹34,000 की हार्डवेयर किट (जिसमें सैटेलाइट डिश और राउटर शामिल है) एक बार खरीदनी होगी। इसके साथ ही, हाई-स्पीड डेटा के लिए ₹8,600 का मासिक शुल्क (Subscription) देना होगा। इसका अर्थ है कि पहले महीने का कुल निवेश लगभग ₹42,600 तक पहुँच जाएगा। [Image showing Starlink hardware kit components: the rectangular dish, base, and Wi-Fi router] हालाँकि यह कीमत मौजूदा 5G या ऑप्टिकल फाइबर प्लान्स की तुलना में काफी अधिक है, लेकिन स्टारलिंक उन ग्राहकों को लुभाने के लिए 30-दिन का ट्रायल भी दे रहा है। इस ट्रायल अवधि में यूज़र्स अपने दुर्गम या दूरदराज के इलाकों में नेटवर्क की परफॉर्मेंस और स्पीड को पूरी तरह जाँच सकते हैं, और संतुष्ट न होने पर सर्विस वापस करने का विकल्प भी चुन सकते हैं।

क्या मिलेगा ग्राहकों को?

स्टारलिंक(Starlink) का रेजिडेंशियल पैकेज विशेष रूप से उन उपयोगकर्ताओं के लिए डिज़ाइन किया गया है जो भौगोलिक बाधाओं के कारण फाइबर या मोबाइल नेटवर्क की पहुंच से दूर हैं। इस सेवा की सबसे बड़ी विशेषता इसका अनलिमिटेड डेटा और प्लग-एंड-प्ले सेटअप है, जो ग्राहकों को बिना किसी तकनीकी जटिलता के खुद ही इंस्टॉलेशन करने की सुविधा देता है। कंपनी 99.9% अपटाइम का भरोसा दिलाती है, जिससे गेमिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसे कार्यों में रुकावट की संभावना न के बराबर रहती है। साथ ही, इसका हार्डवेयर मौसम प्रतिरोधी (Weather Resistant) है, जो भारी बारिश या बर्फबारी जैसी विषम परिस्थितियों में भी स्थिर इंटरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित करता है। वर्तमान में केवल आवासीय प्लान की कीमतों का खुलासा हुआ है, जबकि उच्च क्षमता वाले बिजनेस टियर के विवरण का अभी इंतजार है।

क्या स्टार लिंक Jio/Airtel को टक्कर दे पाएगा?

भारत में स्टारलिंक(Starlink) की लॉन्चिंग अभी भी ‘नियामक मंजूरी’ (Regulatory Approval) के अधीन है, लेकिन इसकी सक्रियता ने एयरटेल (OneWeb) और जियो (JioSpaceFiber) जैसी कंपनियों के बीच हलचल तेज कर दी है। तकनीक की तुलना करें तो शहरी क्षेत्रों में 5G की स्पीड स्टारलिंक से बेहतर हो सकती है, लेकिन दूरदराज के इलाकों में जहाँ कोई बुनियादी ढांचा नहीं है, वहां स्टारलिंक की 100+ Mbps की स्पीड एकमात्र और सबसे तेज विकल्प साबित होगी। हालांकि, जियो और एयरटेल की सेवाएं शहरी भारतीयों के लिए बेहद सस्ती हैं, जबकि स्टारलिंक की प्रीमियम कीमत इसे एक विशेष वर्ग तक सीमित कर सकती है। जैसा कि कंपनी के डायरेक्टर ने संकेत दिया है, स्टारलिंक का असली लक्ष्य भारत के वे ग्रामीण क्षेत्र हैं जो आज भी हाई-क्वालिटी ब्रॉडबैंड से वंचित हैं। स्टारलिंक का आगमन निश्चित रूप से भारत के डिजिटल मानचित्र को बदल देगा, बशर्ते वह नियामक बाधाओं को पार कर प्रतिस्पर्धी बाजार में अपनी जगह बना सके।

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