रामगढ़, नैनीताल: नैनीताल जिले के रामगढ़ ब्लॉक की घुमावदार सड़कों और ऊंचे पहाड़ों के बीच बसे गांवों में आजकल एक नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जा रहा है— चंदन लोधियाल(Chandan Lodhiyal)। वैसे तो सियासत की दुनिया में नेताओं की कमी नहीं है, लेकिन चंदन लोधियाल ने राजनीति की परिभाषा को “सत्ता” से बदलकर “सेवा” कर दिया है।
भारतीय जनता पार्टी के एक समर्पित कार्यकर्ता और पूर्व महामंत्री के रूप में अपनी पहचान रखने वाले चंदन लोधियाल(Chandan Lodhiyal) आज रामगढ़ क्षेत्र के गरीबों के लिए एक उम्मीद की किरण बनकर उभरे हैं।
पहाड़ की जिंदगी जितनी खूबसूरत दिखती है, उतनी ही कठिन भी है। खासकर बरसात के दिनों में, जब गरीब परिवारों की कच्ची छतों से पानी टपकता है, तो रातें जागकर काटनी पड़ती हैं। चंदन लोधियाल ने इस दर्द को सिर्फ महसूस नहीं किया, बल्कि उसे दूर करने का बीड़ा उठाया।
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गरीबों के लिए मिसाल
हाल के महीनों में, चंदन जी ने क्षेत्र के कई ऐसे असहाय परिवारों की पहचान की जिनके पास रहने को ढंग का मकान नहीं था या जिनकी छतें बारिश के पानी को रोकने में नाकाम थीं। अपनी व्यक्तिगत मेहनत और सामाजिक जुड़ाव के जरिए उन्होंने न केवल इन घरों की मरम्मत करवाई, बल्कि कई परिवारों के सिर पर पक्की छत भी डाली।
रामगढ़ के एक सुदूर गांव की रहने वाली एक बुजुर्ग महिला, जिनकी छत चंदन जी ने ठीक करवाई, नम आंखों से कहती हैं— “बेटा, जब बारिश होती थी तो हम घर के अंदर भी छाता लेकर बैठते थे। चंदन ने हमारी छत ही नहीं, हमारा सम्मान भी बचा लिया।”
Chandan Lodhiyal कौन हैं?
चंदन लोधियाल(Chandan Lodhiyal) उत्तराखंड सरकार में पूर्व महामंत्री जैसे गरिमामय पद पर रह चुके हैं। अक्सर देखा जाता है कि बड़े पदों पर रहने के बाद नेता जनता से कट जाते हैं, लेकिन चंदन जी के साथ मामला बिल्कुल उल्टा है। पद छोड़ने के बाद उनकी सक्रियता और बढ़ गई है।
वे आज भी किसी बड़े नेता की तरह नहीं, बल्कि एक साधारण ‘सामाजिक कार्यकर्ता’ की तरह गांव-गांव घूमते हैं। चाहे किसी बीमार को अस्पताल पहुंचाना हो, किसी गरीब कन्या की शादी में मदद करनी हो, या सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हो— चंदन लोधियाल हमेशा अगली कतार में खड़े मिलते हैं।
बिना बजट के लोगों की मदद
हाल ही में सामने आए उनके एक वीडियो ने सोशल मीडिया पर लोगों की आंखों में आंसू ला दिए। इस वीडियो में चंदन लोधियाल(Chandan Lodhiyal) ने एक ऐसी सच्चाई साझा की जो आज के दौर में दुर्लभ है। उन्होंने बताया कि वह गरीबों के घरों को बनाने, उनकी छतों की मरम्मत करने और बेसहारा लोगों की मदद के लिए किसी सरकारी बजट या बाहरी फंड का इंतजार नहीं करते।
चंदन जी ने बेबाकी और सादगी से कहा— “मदद करने के लिए जब मैं किसी की लाचारी देखता हूँ, तो मेरा मन नहीं मानता। मैं अपने निजी खर्चों में कटौती करता हूँ और अपनी मेहनत की कमाई का एक हिस्सा इन लोगों के लिए अलग रखता हूँ।” यह सुनकर हर कोई दंग है कि एक पूर्व महामंत्री होने के बावजूद, वे अपनी निजी बचत से लोगों के घरों पर छत डाल रहे हैं। यह सिर्फ सीमेंट और लोहे की छत नहीं है, यह उस गरीब परिवार के लिए चंदन लोधियाल का दिया हुआ ‘सुरक्षा कवच’ है।
काम की सराहना
रामगढ़ ब्लॉक के गांवों में चंदन लोधियाल(Chandan Lodhiyal) का काम किसी सरकारी फाइल का हिस्सा नहीं है, बल्कि लोगों की दुआओं में दर्ज है। उनकी कार्यशैली की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वे काम करने के बाद उसका ढिंढोरा नहीं पीटते। वे चुपचाप उन लोगों तक पहुंचते हैं जिन्हें वास्तव में मदद की जरूरत होती है।
क्षेत्र के युवाओं के लिए वे एक प्रेरणा हैं। एक स्थानीय युवा कार्यकर्ता बताते हैं— “हमने नेताओं को सिर्फ चुनाव में आते देखा है, लेकिन चंदन भाई को हमने तब भी साथ खड़ा पाया जब कोई आपदा आई या जब किसी गरीब के घर चूल्हा नहीं जल रहा था।”
चंदन लोधियाल(Chandan Lodhiyal) का मानना है कि अंत्योदय (अंतिम व्यक्ति का उदय) ही उनकी राजनीति का मूल मंत्र है। वे अक्सर कहते हैं कि “पार्टी हमें मंच देती है, लेकिन समाज हमें पहचान देता है।” उनके इन्हीं कार्यों की वजह से न केवल भाजपा के भीतर उनका कद बढ़ा है, बल्कि विपक्षी विचारधारा रखने वाले लोग भी उनकी कार्यकुशलता और ईमानदारी की तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाते।
जब हम चंदन लोधियाल(Chandan Lodhiyal) के कार्यों का विश्लेषण करते हैं, तो हमें एक ऐसा व्यक्ति दिखता है जो पहाड़ की पीड़ा को समझता है। उनकी संवेदनशीलता ही उन्हें दूसरों से अलग बनाती है। किसी के टूटे हुए घर को बनाना सिर्फ ईंट-पत्थर का काम नहीं है, बल्कि एक टूटते हुए परिवार के विश्वास को फिर से खड़ा करना है। चंदन जी यही काम पिछले कई वर्षों से निस्वार्थ भाव से कर रहे हैं।
आज जब समाज में स्वार्थ की राजनीति हावी हो रही है, तब चंदन लोधियाल जैसे लोग यह विश्वास दिलाते हैं कि इंसानियत अभी जिंदा है। रामगढ़ की वादियों में उनके द्वारा किए गए काम आने वाले समय में एक मिसाल के तौर पर याद किए जाएंगे।
“नैनीताल जिले को आज ऐसे ही नेतृत्व की जरूरत है जो जनता के बीच रहे, जनता की सुने और जनता के लिए जिए। चंदन लोधियाल(Chandan Lodhiyal) आज रामगढ़ के सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि वहां के हर गरीब परिवार के “बड़े भाई” और “बेटे” बन चुके हैं।
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