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देवभूमि का अपमान बर्दाश्त नहीं! सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर Jyoti Adhikari गिरफ्तार, 14 दिन की जेल

By Admin@2001

Published on: January 9, 2026

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Jyoti Adhikari

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हल्द्वानी (नैनीताल): उत्तराखंड की मर्यादा और संस्कृति के लिए जानी जाने वाली ‘देवभूमि’ की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करना एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को भारी पड़ गया है। हल्द्वानी से एक बड़ी खबर सामने आ रही है कि विवादित बयानों के लिए चर्चा में रहने वाली ज्योति अधिकारी(Jyoti Adhikari) को पुलिस ने गुरुवार शाम गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट में पेशी के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत (जेल) में भेज दिया गया है।

क्या है पूरा मामला?

बताया जा रहा है कि ज्योति अधिकारी(Jyoti Adhikari) पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया का दुरुपयोग करते हुए उत्तराखंड की सामाजिक और सांस्कृतिक गरिमा को गहरी ठेस पहुँचाई है। दरअसल, यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब ज्योति ने एक वीडियो में कुमाऊं की महिलाओं के लिए ‘नाचने वाली’ जैसे आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। इतना ही नहीं, उन्होंने देवभूमि की आस्था के केंद्र— यहाँ के देवी-देवताओं को ‘फर्जी’ बताकर करोड़ों लोगों की भावनाओं को आहत किया।

Jyoti Adhikari कौन है?

ज्योति अधिकारी(Jyoti Adhikari) हल्द्वानी (उत्तराखंड) की एक चर्चित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं, जो Facebook और Instagram जैसे प्लेटफॉर्म्स पर अपने वीडियो और बेबाक बयानों के लिए जानी जाती हैं। सोशल मीडिया पर उनकी अच्छी-खासी फैन फॉलोइंग है, वे महिलाओं पर होने वाले अत्याचार के खिलाफ भी आवाज उठाती रहती है, पिछले कुछ दिनों से उन्हें “अंकिता भंडारी” को न्याय की मांग करने पर भी देखा गया है। लेकिन वे अक्सर अपने विवादित कंटेंट के कारण चर्चा और विवादों में रहती हैं। स्थानीय स्तर पर उन्हें “उत्तराखंड की शेरनी” जैसे उपनामों से भी संबोधित किया जाता रहा है, हालांकि हालिया घटनाक्रमों ने उनकी छवि को विवादों के घेरे में ला खड़ा किया है।

दराती दिखाने का भी आरोप

मामला सिर्फ जुबानी जंग तक नहीं रुका। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में ज्योति अधिकारी(Jyoti Adhikari) हाथ में ‘दराती’ (उत्तराखंड का पारंपरिक कृषि औजार) लहराते हुए और लोगों को धमकाते हुए नजर आईं। इस हिंसक व्यवहार ने आग में घी डालने का काम किया, जिसके बाद स्थानीय लोगों और संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया।

जूही चूफाल ने की थी शिकायत

पुलिस की यह कार्रवाई जूही चुफाल द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद अमल में लाई गई है। जूही ने ज्योति के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर किसी को भी उत्तराखंड की परंपराओं, महिलाओं और आराध्य देवों का अपमान करने का हक नहीं दिया जा सकता।

सामाजिक संस्कृति को ठेस

उत्तराखंड की पहचान यहाँ की शालीनता और अपनों के प्रति सम्मान से है। यहाँ की महिलाएं खेती-बाड़ी से लेकर घर संभालने तक, पहाड़ के संघर्ष की प्रतीक मानी जाती हैं। उन्हें ‘नाचने वाली’ कहना न केवल उनका अपमान है, बल्कि उस संघर्ष की तौहीन है जो पहाड़ की नारी हर दिन करती है। जब कोई इन्फ्लुएंसर चंद लाइक्स और फॉलोअर्स के लिए यहाँ की पवित्र आस्था और मातृशक्ति पर हमला करता है, तो समाज का टूटना लाजमी है।

प्रशंसकों की प्रतिक्रिया

ज्योति अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद, उनके फैंस अलग-अलग तरह का रिएक्शन दे रहे हैं, कुछ कहते हैं सच्चाई सरकार को नहीं बर्दाश्त, कुछ का कहना है ये सब नहीं करना था, कुछ कहते हैं जेल जाना भी जरूरी है।

“हल्द्वानी पुलिस ने साफ कर दिया है कि सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वालों या सांप्रदायिक/सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ज्योति की गिरफ्तारी उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो सोचते हैं कि कैमरे के सामने बैठकर कुछ भी बोलकर वे बच निकलेंगे।”

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