होम ताजातरीन English क्रिकेट मनोरंजन नौकरी शिक्षा स्वास्थ्य ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी वर्ल्ड इंडिया ब्लॉग्स स्टोरी साइंस

,

T20 World Cup: शुभमन गिल को इन खिलाड़ियों की वजह से बाहर होना पड़ा

By Admin@2001

Published on: December 20, 2025

Follow Us

t20 world cup, shubhman Gill

---Advertisement---

Share now

T20 World Cup: भारतीय क्रिकेट चयन प्रक्रिया हमेशा से ही भावनाओं और कड़े फैसलों के बीच का एक जटिल युद्ध रही है। आगामी टी20 वर्ल्ड कप के लिए शुभमन गिल(Shubman Gill) को बाहर कर ईशान किशन और रिंकू सिंह पर भरोसा जताना यह स्पष्ट करता है कि अब भारतीय टीम मैनेजमेंट ‘नाम’ के बजाय ‘रोल’ और ‘इम्पैक्ट’ को तरजीह दे रहा है। जहाँ शुभमन गिल को भविष्य का कप्तान माना जा रहा था, वहीं बतौर उप-कप्तान उनकी पिछली 15 पारियों में 137.26 का स्ट्राइक रेट और एक भी अर्धशतक न होना उनके खिलाफ गया। ईशान किशन की शानदार फॉर्म ने चयनकर्ताओं को मजबूर किया कि वे गिल की जगह एक विकेटकीपर-ओपनर को शामिल करें, जिससे मिडल ऑर्डर में ‘फिनिशर’ रिंकू सिंह के लिए जगह बनाई जा सके। यह बदलाव भले ही क्रूर लगे, लेकिन आधुनिक टी20 क्रिकेट की मांग है कि ‘क्लास’ से ऊपर ‘करंट फॉर्म’ और ‘मैच-विनिंग इम्पैक्ट’ को रखा जाए।

शुभमन गिल का बाहर होने का कारण

शुभमन गिल(Shubman Gill) के T20 World Cup टीम से बाहर होने का सबसे बड़ा कारण उनकी ‘टी20 फॉर्म और स्ट्राइक रेट’ में आई गिरावट रही। बतौर उप-कप्तान, गिल ने पिछली 15 पारियों में एक भी अर्धशतक नहीं जड़ा और उनका स्ट्राइक रेट भी मात्र 137.26 रहा, जो आधुनिक टी20 मानकों के हिसाब से काफी धीमा माना जाता है। इसके अलावा, ईशान किशन की घरेलू क्रिकेट (सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी) में जबरदस्त वापसी ने चयनकर्ताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया। किशन ने न केवल कप्तानी में टीम को जीत दिलाई, बल्कि करीब 200 के स्ट्राइक रेट से 517 रन बनाकर अपनी दावेदारी मजबूत कर ली। गिल को बाहर करने का एक रणनीतिक कारण ‘टीम बैलेंस’ भी था; ईशान किशन के आने से टीम को एक बाएं हाथ का आक्रामक ओपनर और विकेटकीपर मिल गया, जिससे चयनकर्ताओं को मिडल ऑर्डर में रिंकू सिंह जैसे धाकड़ फिनिशर को फिट करने की जगह मिल गई। सरल शब्दों में कहें तो, टीम इंडिया ने गिल की लंबी पारी खेलने की तकनीक (High Ceiling) के बजाय रिंकू सिंह की मैच खत्म करने की ताकत (Firepower) को अधिक प्राथमिकता दी।

रिंकू सिंह और ईशान किशन के लिए अवसर

T20 World Cup का यह चयन ईशान किशन और रिंकू सिंह दोनों के लिए अपने करियर को एक नई ऊँचाई पर ले जाने का सबसे बड़ा अवसर है। ईशान किशन के लिए यह मौका खुद को टीम के स्थायी और ‘इम्पैक्टफुल’ ओपनर के रूप में स्थापित करने का है; अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग कौशल के दम पर वे टीम को वह मजबूती दे सकते हैं जिसकी तलाश लंबे समय से थी। दूसरी ओर, रिंकू सिंह के लिए यह वैश्विक मंच पर भारत के ‘अल्टीमेट फिनिशर’ की विरासत को संभालने का क्षण है। टीम मैनेजमेंट ने शुभमन गिल जैसे स्थापित खिलाड़ी की कुर्बानी देकर इन दोनों पर जो दांव लगाया है, वह दर्शाता है कि अब भारतीय टीम ‘सेफ क्रिकेट’ के बजाय ‘फीयरलेस क्रिकेट’ (डर-मुक्त क्रिकेट) की ओर बढ़ रही है। इन दोनों युवा खिलाड़ियों के पास मौका है कि वे अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से न केवल मैच जिताएं, बल्कि टीम इंडिया के टी20 खेलने के अंदाज को पूरी तरह बदल दें।

“टीम इंडिया ने अब ‘बड़े नाम’ के मोह को छोड़कर ‘मैच जिताने वाले काम’ को चुन लिया है। शुभमन गिल जैसे क्लास खिलाड़ी को ड्रॉप करना सुनने में थोड़ा अजीब जरूर लगता है, लेकिन T20 World Cup की डिमांड ही ऐसी है। अब ज़माना सिर्फ क्रीज़ पर टिकने का नहीं, बल्कि पहली ही गेंद से कूटने का है। किशन की तूफानी ओपनिंग और रिंकू सिंह का ‘फिनिशर’ वाला जलवा टीम को वो धार दे रहा है, जिसकी कमी हमें पिछले बड़े टूर्नामेंट्स में बार-बार खल रही थी।

एक तरह से सेलेक्टर्स ने साफ कर दिया है कि अब टीम कागज़ों पर नहीं, बल्कि मैदान पर दिखने वाले ‘इम्पैक्ट’ से चुनी जाएगी। अब सारा दारोमदार किशन और रिंकू पर है—उन्हें बस इस सुनहरे मौके को लपकना है और टीम को वो ‘बेखौफ’ अंदाज़ देना है जो हमें वर्ल्ड कप की ट्रॉफी दिला सके। आखिर में बात वही है, नाम चाहे कितना भी बड़ा हो, टी20 में वही सिकंदर है जो छक्के मारना जानता है!”

इसे भी पढ़ें: Tata WPL 2026 कब से शुरू होगा, कौन-कौन सी टीमें होंगी?

Leave a Comment