होम ताजातरीन English क्रिकेट मनोरंजन नौकरी शिक्षा स्वास्थ्य ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी वर्ल्ड इंडिया ब्लॉग्स स्टोरी साइंस

अल्मोड़ा: कालीधार बैंड पर भीषण सड़क हादसा, खाई में गिरी कार; पति-पत्नी गंभीर घायल

By Admin@2001

Published on: November 24, 2025

Follow Us

अल्मोड़ा, almora accident, Nainital news, Uttarakhand news

---Advertisement---

Share now

अल्मोड़ा/हिल-रिपोर्ट: उत्तराखंड के अल्मोड़ा (Almora) जिले में सोमवार को एक बड़ा सड़क हादसा (major road accident) सामने आया है। कालीधार बैंड (Kalidhar Bend) पर दो कारों के बीच आमने-सामने की भीषण टक्कर (head-on collision) हो गई, जिसके बाद एक मारुति K10 कार अनियंत्रित होकर सड़क से लगभग 50 मीटर गहरी खाई (deep ditch) में जा गिरी। इस दर्दनाक हादसे में कार सवार दंपति मोहन सिंह नेगी (58 वर्ष) और उनकी पत्नी राधिका नेगी (52 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए।

इसे भी पढ़ें: देवभूमि में ‘विवाह संकट’: पहाड़ के बेटों के लिए क्यों मुश्किल हुई शादी? रिश्तों की बदलती तस्वीर पर गहरा मंथन

तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन (Rescue Operation)

हादसे की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तुरंत पुलिस को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही कोतवाली अल्मोड़ा पुलिस और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की टीमें बिना किसी देरी के घटनास्थल पर पहुँचीं।

उपनिरीक्षक पंकज के नेतृत्व में एसडीआरएफ टीम और कोतवाली पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों की सहायता से तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन (rescue operation) शुरू किया। खाई गहरी होने के कारण बचाव कार्य में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई प्रयासों के बाद, मलबे में फँसे पति-पत्नी को सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों घायलों को तुरंत एम्बुलेंस के माध्यम से जिला चिकित्सालय (District Hospital) पहुँचाया गया, जहाँ उनका उपचार (treatment) चल रहा है। दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

कोतवाली पुलिस ने बताया कि टक्कर मारने वाली दूसरी कार को जब्त कर लिया गया है और हादसे के कारणों की विस्तृत जाँच (investigation) की जा रही है।

इसे भी पढ़ें: मुक्तेश्वर की ‘चौली की जाली’ पर ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध: सुरक्षा कारणों से पुलिस ने लिया कड़ा फैसला

बढ़ते हादसे: पहाड़ की सड़कों पर सुरक्षा बनी चुनौती

पिछले कुछ समय से अल्मोड़ा जिले सहित पूरे उत्तराखंड में इस तरह के सड़क हादसों में वृद्धि हुई है, जिनमें कई लोगों ने अपनी जान गंवाई है। कालीधार बैंड जैसे तीखे मोड़ (sharp bends) वाले स्थान, जहाँ दृश्यता (visibility) कम होती है, विशेष रूप से खतरनाक साबित हो रहे हैं।

पहाड़ी क्षेत्रों में दुर्घटनाओं से बचाव के उपाय (Preventing Accidents in Hilly Areas)

पहाड़ी सड़कों पर सुरक्षित यात्रा (safe travel) के लिए यात्रियों और चालकों (drivers) दोनों को अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए। विशेषज्ञों और पुलिस द्वारा सुझाए गए कुछ अनिवार्य उपाय निम्नलिखित हैं:

1. गति नियंत्रण और सतर्कता (Speed Control and Vigilance)

  • ओवरस्पीडिंग से बचें: पहाड़ों पर तेज़ गति (over-speeding) सबसे बड़ा खतरा है। मोड़ आने से पहले ही अपनी गाड़ी की गति को नियंत्रित करें।
  • हॉर्न का उपयोग: तीखे और अंधे मोड़ों (blind curves) पर अनिवार्य रूप से हॉर्न (horn) बजाएँ ताकि सामने से आ रहे वाहन को आपकी उपस्थिति का पता चल सके।
  • ओवरटेक से बचें: पहाड़ी सड़कों पर, विशेषकर मोड़ों पर, ओवरटेक (overtaking) करना जानलेवा हो सकता है। सुरक्षित स्थान मिलने पर ही ओवरटेक करें।

2. वाहन की तैयारी (Vehicle Readiness)

  • ब्रेक और टायर: सुनिश्चित करें कि आपकी गाड़ी के ब्रेक (brakes) और टायर (tyres) अच्छी स्थिति में हों। खराब टायर गीली सड़कों पर फिसलने का कारण बन सकते हैं।
  • फ़ॉग लाइट्स (Fog Lights): यदि आप सुबह जल्दी या देर शाम यात्रा कर रहे हैं, तो फ़ॉग लाइट्स का सही उपयोग करें, क्योंकि पहाड़ों में मौसम तेजी से बदलता है।

3. ड्राइवर की मानसिक स्थिति (Driver’s Mental State)

  • थकान और नींद: थकान (fatigue) या नींद की स्थिति में गाड़ी न चलाएँ। लंबे सफर के दौरान बीच-बीच में रुक कर आराम करें।
  • शराब का सेवन: किसी भी कीमत पर शराब या नशीले पदार्थों (alcohol or narcotics) का सेवन करके ड्राइविंग न करें।

4. मोड़ों पर ड्राइविंग तकनीक (Driving Technique on Bends)

  • लेन अनुशासन (Lane Discipline): अपनी लेन (lane) में ही रहें। मोड़ पर हमेशा पहाड़ी की तरफ वाली लेन (inside lane) में गाड़ी चलाएँ ताकि सामने से आ रहे वाहन के लिए जगह बनी रहे और खाई में गिरने का खतरा कम हो। कालीधार बैंड जैसे स्थानों पर यह नियम अत्यंत महत्वपूर्ण है।
  • ढलान पर नियंत्रण (Control on Slopes): ढलान पर गाड़ी चलाते समय, लगातार ब्रेक का उपयोग करने के बजाय, इंजन ब्रेक (Engine Braking) या लोअर गियर (lower gear) का उपयोग करें, ताकि ब्रेक गर्म होकर फेल न हों।

अल्मोड़ा पुलिस ने सभी नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे इन सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करें ताकि भविष्य में ऐसे दुखद हादसों से बचा जा सके और देवभूमि की यात्रा सुखद और सुरक्षित बनी रहे।

इसे भी पढ़ें: नैनीताल: शिकायत के 3 दिन बाद ही मुक्तेश्वर पुलिस ने ढूंढ निकाली गायब कार, धारी ब्लॉक के सरना गांव से दर्ज हुई थी शिकायत

, , , , , , , , , , ,

Leave a Comment